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विस्तृत उत्तर
इस कथा में क्षीरसागर का जल पृथ्वी के पानी जैसा भौतिक द्रव नहीं है। इसे कारण सलिल कहा गया है, जिसका अर्थ है सृष्टि की संभावनाओं का दिव्य आधार। यह चेतना, ऊर्जा और अव्यक्त प्रकृति का प्रतीक है। इसलिए क्षीरसागर को किसी भौतिक समुद्र की तरह नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय कारण अवस्था की तरह समझना चाहिए।
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