विस्तृत उत्तर
इन मंत्रों की साधना केवल उच्चारण तक सीमित नहीं है। इसकी एक पूर्ण शास्त्रीय विधि है, जिसमें संकल्प, विनियोग, न्यास, ध्यान और जप का क्रम होता है।
ऐसी तीव्र साधनाएं सदैव योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए।
त्रिपुर भैरवी मंत्र साधना में पूर्ण शास्त्रीय विधि है: संकल्प → विनियोग → न्यास → ध्यान → जप — यह साधना योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए।
इन मंत्रों की साधना केवल उच्चारण तक सीमित नहीं है। इसकी एक पूर्ण शास्त्रीय विधि है, जिसमें संकल्प, विनियोग, न्यास, ध्यान और जप का क्रम होता है।
ऐसी तीव्र साधनाएं सदैव योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए।
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