विस्तृत उत्तर
नीलकंठ स्तोत्र पाठ के समय के बारे में यह निर्देश हैं:
दैनिक पाठ के लिए: प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) सबसे उपयुक्त है, जो शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
साधक को सुबह स्नान करके, स्वच्छ धुले हुए कपड़े पहनकर, लाल रंग के आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।





