हवन/यज्ञअग्निहोत्र प्रतिदिन कैसे करें?तांबा पिरामिड+उपले+घी+अक्षत। सूर्योदय: 'सूर्याय स्वाहा/प्रजापतये स्वाहा' (2 आहुति)। सूर्यास्त: 'अग्नये/प्रजापतये' (2)। अमर उजाला: भोपाल=20 मिनट MIC मुक्त! कोई भी कर सकता।#अग्निहोत्र#प्रतिदिन#कैसे
लोकवितल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?वितल लोक में सूर्य का सीधा प्रकाश और सूर्योदय-सूर्यास्त नहीं होता, इसलिए दिन-रात का भेद नहीं है।#वितल दिन रात#समय#सूर्यास्त
रुद्राभिषेक का सही समयरुद्राभिषेक का सबसे अच्छा समय कौन सा है?रुद्राभिषेक का सबसे अच्छा समय प्रदोष काल (सूर्यास्त से डेढ़ घंटा पहले से डेढ़ घंटा बाद) है — इस समय शिव तांडव करते हैं और सकाम कामनाओं की पूर्ति की संभावना अधिकतम होती है।#रुद्राभिषेक समय#प्रदोष काल#शुभ मुहूर्त
स्तोत्र पाठ विधि और नियमनीलकंठ स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए?नीलकंठ स्तोत्र पाठ के लिए प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) सर्वश्रेष्ठ है — यह शिव पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है।#पाठ समय#प्रदोष काल#सूर्यास्त
काल निर्णयप्रदोष पूजा का सही समय?प्रदोष काल का सबसे सही समय सूर्यास्त (सूरज डूबने) से 45 मिनट पहले शुरू होकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहता है (कुल 90 मिनट)।#पूजा समय#सूर्यास्त#90 मिनट
हवन एवं यज्ञअग्निहोत्र करने का सही समय क्या हैअग्निहोत्र दो समय: (1) प्रातः — सूर्योदय के ठीक समय ('सूर्याय स्वाहा') (2) सायं — सूर्यास्त के ठीक समय ('अग्नये स्वाहा')। संधिकाल में। गोबर कण्डे/समिधा + गाय का घी + चावल। श्रौत विधान में एक ऋत्विज् आवश्यक। गृह्य/दैनिक हवन गृहस्थ स्वयं कर सकता है। शतपथ ब्राह्मण में नित्यकर्म।#अग्निहोत्र#हवन#सूर्योदय
अंतिम संस्कारमृत्यु के बाद शव कितनी देर में दाह संस्कार करें?सूर्यास्त से पहले (रात वर्जित)। जितना जल्दी हो उतना उत्तम। सूर्यास्त हो गया = अगले दिन। बच्चे/संन्यासी/गर्भवती = समाधि। सर्प दंश = 21 दिन प्रतीक्षा। यथाशीघ्र संस्कार उचित।#दाह संस्कार#समय#सूर्यास्त