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विस्तृत उत्तर
नियम:सूर्यास्त से पहले दाह संस्कार करना चाहिए — रात में दाह वर्जित (गरुड़ पुराण)।
समय सीमा
- ▸उत्तम: मृत्यु के कुछ घंटों में — जितना जल्दी हो।
- ▸यदि सूर्यास्त हो गया = अगले दिन सूर्योदय के बाद।
- ▸शव को रात भर रखना हो = दूरी बनाकर रखें, गंगाजल छिड़कें, दीपक जलाएँ, गीता/गरुड़ पुराण पाठ।
अपवाद
इनका दाह संस्कार नहीं करना चाहिए:
- ▸5 वर्ष से कम बच्चे — समाधि/दफनाना।
- ▸संन्यासी/साधु — समाधि।
- ▸गर्भवती महिला (मृत्यु पर) — जल/थल समाधि।
- ▸सर्प दंश से मृत्यु — 21 दिन प्रतीक्षा (सूक्ष्म प्राण)।
आधुनिक: यदि परिजन दूर हों = कानूनी प्रक्रिया + शव गृह। पर यथाशीघ्र संस्कार उचित।
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