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अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र (India.com, Webdunia verified)1 मिनट पठन

मृत्यु के बाद शव कितनी देर में दाह संस्कार करें?

संक्षिप्त उत्तर

सूर्यास्त से पहले (रात वर्जित)। जितना जल्दी हो उतना उत्तम। सूर्यास्त हो गया = अगले दिन। बच्चे/संन्यासी/गर्भवती = समाधि। सर्प दंश = 21 दिन प्रतीक्षा। यथाशीघ्र संस्कार उचित।

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विस्तृत उत्तर

नियम: सूर्यास्त से पहले दाह संस्कार करना चाहिए — रात में दाह वर्जित (गरुड़ पुराण)।

समय सीमा

  • उत्तम: मृत्यु के कुछ घंटों में — जितना जल्दी हो।
  • यदि सूर्यास्त हो गया = अगले दिन सूर्योदय के बाद (India.com verified)।
  • शव को रात भर रखना हो = दूरी बनाकर रखें, गंगाजल छिड़कें, दीपक जलाएँ, गीता/गरुड़ पुराण पाठ।

अपवाद (गरुड़ पुराण — Prime TV verified)

इनका दाह संस्कार नहीं करना चाहिए:

  • 5 वर्ष से कम बच्चे — समाधि/दफनाना।
  • संन्यासी/साधु — समाधि।
  • गर्भवती महिला (मृत्यु पर) — जल/थल समाधि।
  • सर्प दंश से मृत्यु — 21 दिन प्रतीक्षा (सूक्ष्म प्राण)।

आधुनिक: यदि परिजन दूर हों = कानूनी प्रक्रिया + शव गृह। पर यथाशीघ्र संस्कार उचित।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र (India.com, Webdunia verified)
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