ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण, भगवद्गीता (8.5-6)2 मिनट पठन

मरणासन्न व्यक्ति के कान में क्या बोलना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

'राम राम', 'ॐ नमो नारायणाय', 'ॐ नमः शिवाय', इष्ट देव नाम। दाहिने कान में, शांत-प्रेमपूर्ण स्वर, बार-बार। गीता (8.5): अंतिम स्मरण = अगला जन्म। शांतिपूर्ण वातावरण दें।

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विस्तृत उत्तर

मरणासन्न व्यक्ति के कान में ईश्वर का नाम बोलना हिंदू धर्म की अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है।

क्या बोलें

  1. 1'राम... राम... राम...' — सबसे प्रचलित। राम = तारक मंत्र।
  2. 2'ॐ नमो नारायणाय' — विष्णु नाम।
  3. 3'ॐ नमः शिवाय' — शिव भक्तों के लिए।
  4. 4'हरि ॐ' — सरल और शक्तिशाली।
  5. 5इष्ट देवता का नाम — जिस देवता की भक्ति करते थे।

क्यों

  • गीता (8.5-6): अंतिम समय का स्मरण अगले जन्म निर्धारित करता है।
  • गरुड़ पुराण: अंतिम श्वास में ईश्वर स्मरण = मोक्ष/उच्च गति।
  • अजामिल कथा (भागवत): मृत्यु के समय 'नारायण' नाम लेने मात्र से मुक्ति मिली।

कैसे बोलें

  • शांत, धीमे, प्रेमपूर्ण स्वर में — चिल्लाएँ नहीं।
  • दाहिने कान के पास मुख लाकर।
  • बार-बार — लगातार, बीच में न रुकें।
  • व्यक्ति को शांतिपूर्ण वातावरण दें — रोना-धोना, शोर न करें।

सबसे महत्वपूर्ण: मरते व्यक्ति को शांति और प्रेम दें — भय नहीं।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, भगवद्गीता (8.5-6)
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