विस्तृत उत्तर
मरणासन्न व्यक्ति के कान में ईश्वर का नाम बोलना हिंदू धर्म की अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है।
क्या बोलें
- 1'राम... राम... राम...' — सबसे प्रचलित। राम = तारक मंत्र।
- 2'ॐ नमो नारायणाय' — विष्णु नाम।
- 3'ॐ नमः शिवाय' — शिव भक्तों के लिए।
- 4'हरि ॐ' — सरल और शक्तिशाली।
- 5इष्ट देवता का नाम — जिस देवता की भक्ति करते थे।
क्यों
- ▸गीता (8.5-6): अंतिम समय का स्मरण अगले जन्म निर्धारित करता है।
- ▸गरुड़ पुराण: अंतिम श्वास में ईश्वर स्मरण = मोक्ष/उच्च गति।
- ▸अजामिल कथा (भागवत): मृत्यु के समय 'नारायण' नाम लेने मात्र से मुक्ति मिली।
कैसे बोलें
- ▸शांत, धीमे, प्रेमपूर्ण स्वर में — चिल्लाएँ नहीं।
- ▸दाहिने कान के पास मुख लाकर।
- ▸बार-बार — लगातार, बीच में न रुकें।
- ▸व्यक्ति को शांतिपूर्ण वातावरण दें — रोना-धोना, शोर न करें।
सबसे महत्वपूर्ण: मरते व्यक्ति को शांति और प्रेम दें — भय नहीं।





