विस्तृत उत्तर
मरणासन्न व्यक्ति को मंत्र सुनाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है — अंतिम समय का स्मरण अगले जन्म/मोक्ष निर्धारित करता है।
गीता (8.5-6): *'अंतकाले च मामेव स्मरन्मुक्त्वा कलेवरम्, यः प्रयाति स मद्भावं याति...'*
— मृत्यु के समय जो मेरा (ईश्वर का) स्मरण करता हुआ शरीर त्यागता है, वह मुझे ही प्राप्त होता है।
कौन सा मंत्र
- 1'राम राम' / 'हरे राम' — सबसे सरल और प्रचलित।
- 2'ॐ नमो नारायणाय' — विष्णु मंत्र।
- 3'ॐ नमः शिवाय' — शिव भक्तों के लिए।
- 4गीता अध्याय 8 या 15 का पाठ।
- 5विष्णु सहस्रनाम का पाठ।
- 6महामृत्युंजय मंत्र — *'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'*
गरुड़ पुराण (Aaj Tak verified) — 4 पवित्र वस्तुएँ
मृत्यु के समय पास होनी चाहिए:
- 1गंगाजल 2. तुलसी 3. काले तिल 4. गीता/भागवत पाठ
सबसे महत्वपूर्ण: मरणासन्न व्यक्ति के कान में धीरे-धीरे ईश्वर नाम सुनाएँ — *'राम... राम... राम...'* — शांत, प्रेमपूर्ण स्वर में।





