विस्तृत उत्तर
शव यात्रा (अंतिम यात्रा) में 'राम नाम सत्य है' बोलना हिंदू अंतिम संस्कार की सबसे प्रचलित परंपरा है।
अर्थ
*'राम नाम सत्य है'* = राम (ईश्वर) का नाम ही एकमात्र सत्य है — बाकी सब (शरीर, धन, संबंध) नश्वर/मिथ्या है।
क्यों बोलते हैं
- 1आत्मा को गति: मृतक की आत्मा ईश्वर नाम सुनकर शांति पाती है और मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होती है।
- 2जीवित लोगों को स्मरण: मृत्यु देखकर जीवित लोगों को याद आता है — केवल ईश्वर नाम ही शाश्वत सत्य है, बाकी सब क्षणभंगुर।
- 3वैराग्य जागरण: शव यात्रा = संसार की नश्वरता का प्रत्यक्ष प्रमाण — 'राम नाम सत्य' = वैराग्य का संदेश।
- 4राम = तारक मंत्र: शिव ने काशी में मरने वालों के कान में राम नाम सुनाया — राम नाम = तारक (पार लगाने वाला)।
- 5सामूहिक मंत्र जप: सब मिलकर बोलने से ध्वनि शक्ति बढ़ती है।
पूर्ण मंत्र: *'राम नाम सत्य है, सत्य बोलो गत है'* — अर्थात राम नाम सत्य है, सत्य बोलने वाले को (मोक्ष की) गति मिलती है।





