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अंतिम संस्कार📜 धर्मशास्त्र, लोक परंपरा2 मिनट पठन

शव यात्रा में 'राम नाम सत्य है' क्यों बोलते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

'राम नाम सत्य है' = ईश्वर नाम ही सत्य, बाकी नश्वर। आत्मा को गति, जीवितों को वैराग्य, राम = तारक मंत्र। पूर्ण: 'राम नाम सत्य है, सत्य बोलो गत है' = सत्य बोलने वाले को मोक्ष।

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विस्तृत उत्तर

शव यात्रा (अंतिम यात्रा) में 'राम नाम सत्य है' बोलना हिंदू अंतिम संस्कार की सबसे प्रचलित परंपरा है।

अर्थ

*'राम नाम सत्य है'* = राम (ईश्वर) का नाम ही एकमात्र सत्य है — बाकी सब (शरीर, धन, संबंध) नश्वर/मिथ्या है।

क्यों बोलते हैं

  1. 1आत्मा को गति: मृतक की आत्मा ईश्वर नाम सुनकर शांति पाती है और मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होती है।
  2. 2जीवित लोगों को स्मरण: मृत्यु देखकर जीवित लोगों को याद आता है — केवल ईश्वर नाम ही शाश्वत सत्य है, बाकी सब क्षणभंगुर।
  3. 3वैराग्य जागरण: शव यात्रा = संसार की नश्वरता का प्रत्यक्ष प्रमाण — 'राम नाम सत्य' = वैराग्य का संदेश।
  4. 4राम = तारक मंत्र: शिव ने काशी में मरने वालों के कान में राम नाम सुनाया — राम नाम = तारक (पार लगाने वाला)।
  5. 5सामूहिक मंत्र जप: सब मिलकर बोलने से ध्वनि शक्ति बढ़ती है।

पूर्ण मंत्र: *'राम नाम सत्य है, सत्य बोलो गत है'* — अर्थात राम नाम सत्य है, सत्य बोलने वाले को (मोक्ष की) गति मिलती है।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र, लोक परंपरा
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