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अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र (India.com verified)1 मिनट पठन

गरुड़ पुराण का पाठ कब तक करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

13 दिन (तेरहवीं तक)। शुरू: मृत्यु दिन/अगले दिन। कुछ में 10 दिन। आत्मा 3-13 दिन में गति। ब्राह्मण पढ़े, परिजन सुनें। सामान्य समय में भी पठनीय — ज्ञान ग्रंथ।

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विस्तृत उत्तर

मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ 13 दिनों तक (तेरहवीं तक) किया जाता है।

समय सीमा (India.com verified)

  • शुरू: मृत्यु के दिन या अगले दिन से।
  • अवधि: 13 दिन (दाह संस्कार से तेरहवीं तक)।
  • कुछ परंपराओं में 10 दिन (दशगात्र तक)।

क्यों 13 दिन

  • गरुड़ पुराण: आत्मा 3-13 दिन में नया जन्म/गति प्राप्त करती है।
  • 13वें दिन = तेरहवीं = मृत्युभोज = पितर विदाई।
  • 13 दिन = अशौच (सूतक) काल — इस दौरान परिवार अपवित्र माना जाता है।

कौन पढ़े: विद्वान ब्राह्मण/पंडित — परिजन सुनें।

सामान्य समय में: गरुड़ पुराण केवल मृत्यु पर ही नहीं — सामान्य समय में भी पढ़ सकते हैं। यह ज्ञान ग्रंथ है, भय का ग्रंथ नहीं (Wikipedia verified)।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र (India.com verified)
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