विस्तृत उत्तर
गृहस्थ साधकों के लिए प्रदोष काल (शाम का समय जब दिन और रात का मिलन होता है) या शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच का समय अत्यंत शुभ माना जाता है।
गृहस्थों के लिए बटुक भैरव साधना का शुभ समय प्रदोष काल (शाम दिन-रात का मिलन) या शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच है।
गृहस्थ साधकों के लिए प्रदोष काल (शाम का समय जब दिन और रात का मिलन होता है) या शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच का समय अत्यंत शुभ माना जाता है।
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