विस्तृत उत्तर
समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को शिव ने अपने कंठ में धारण किया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया।
यह संसार के दुखों और नकारात्मकता को स्वयं में समाहित कर समाज की रक्षा करने की असीम करुणा का प्रतीक है।
समुद्र मंथन से निकला हलाहल विष शिव ने अपने कंठ में धारण किया → कंठ नीला पड़ा → नाम 'नीलकंठ'। यह संसार के दुखों और नकारात्मकता को स्वयं में समाहित कर समाज की रक्षा करने की असीम करुणा का प्रतीक है।
समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को शिव ने अपने कंठ में धारण किया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया।
यह संसार के दुखों और नकारात्मकता को स्वयं में समाहित कर समाज की रक्षा करने की असीम करुणा का प्रतीक है।
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