विस्तृत उत्तर
शिवपुराण के अनुसार, शुद्ध जल (शीतल जल) से अभिषेक करने पर मानसिक शांति, कष्टों से मुक्ति और ज्वर निवारण होता है।
इसकी शास्त्रीय फलश्रुति रोगमुक्ति और शांति है।
शुद्ध जल से अभिषेक करने से क्या फल मिलता है को संदर्भ सहित समझें
शुद्ध जल से अभिषेक करने से क्या फल मिलता है का सबसे सीधा सार यह है: शुद्ध जल से अभिषेक करने पर मानसिक शांति, कष्टों से मुक्ति और ज्वर निवारण होता है — शिवपुराण की फलश्रुति रोगमुक्ति और शांति बताती है।
विशेष अभिषेक द्रव्य और उनके फल जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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तीर्थ जल से अभिषेक करने से क्या फल मिलता है?
स्कंद पुराण के अनुसार, तीर्थ जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति और सभी पापों का क्षय होता है — यह परम आध्यात्मिक लक्ष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ द्रव्य है।
तिल के तेल से अभिषेक करने से क्या होता है?
तिल के तेल से अभिषेक करने पर ज्ञान वृद्धि और शनि, राहु, केतु के दोषों की शांति होती है — यह ग्रह दोष निवारण का विशेष द्रव्य है।
गन्ने के रस से अभिषेक करने से क्या होता है?
गन्ने के रस से अभिषेक करने पर अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति, धन वृद्धि और आर्थिक संकट निवारण होता है — घर में कभी धन की कमी नहीं होती।
शहद से अभिषेक करने से क्या होता है?
शहद से अभिषेक करने पर जीवन के सभी कष्टों-दुखों का निवारण और असाध्य रोगों से मुक्ति होती है — शिवपुराण की फलश्रुति स्वास्थ्य लाभ और समस्याओं का अंत बताती है।
घी से अभिषेक करने से क्या फायदा होता है?
घी से अभिषेक करने पर रोग दूर होते हैं, वंश वृद्धि होती है और अकाल मृत्यु से रक्षा होती है — शिवपुराण की फलश्रुति उत्तम स्वास्थ्य और वंश निरंतरता बताती है।
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