विस्तृत उत्तर
मार्कण्डेय की अनन्य भक्ति और उनकी स्तुति सुनकर भगवान शिव तुरंत प्रकट हुए। उन्होंने यमराज को पराजित किया और अपने परम भक्त मार्कण्डेय को मृत्यु के भय से मुक्त कर दीर्घायु (चिरंजीवी) होने का वरदान दिया।
शिव ने मार्कण्डेय को यमराज को पराजित करके मृत्यु के भय से मुक्ति और दीर्घायु (चिरंजीवी) होने का वरदान दिया।
मार्कण्डेय की अनन्य भक्ति और उनकी स्तुति सुनकर भगवान शिव तुरंत प्रकट हुए। उन्होंने यमराज को पराजित किया और अपने परम भक्त मार्कण्डेय को मृत्यु के भय से मुक्त कर दीर्घायु (चिरंजीवी) होने का वरदान दिया।
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