विस्तृत उत्तर
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी मंत्र के निरंतर जप के प्रभाव से मार्कण्डेय ऋषि ने स्वयं यमराज को परास्त कर अपने प्राणों की रक्षा की थी और भगवान शिव ने शिवलिंग से प्रकट होकर उन्हें चिरंजीवी होने का वरदान दिया था।
मार्कण्डेय ऋषि ने महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप किया → यमराज को परास्त किया → शिव ने शिवलिंग से प्रकट होकर 'चिरंजीवी' होने का वरदान दिया।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी मंत्र के निरंतर जप के प्रभाव से मार्कण्डेय ऋषि ने स्वयं यमराज को परास्त कर अपने प्राणों की रक्षा की थी और भगवान शिव ने शिवलिंग से प्रकट होकर उन्हें चिरंजीवी होने का वरदान दिया था।
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