विस्तृत उत्तर
संवर्त अस्त्र दिव्यास्त्रों के विशाल भंडार का एक रहस्यमयी और अत्यंत विनाशकारी हथियार है। यह केवल एक हथियार नहीं, बल्कि एक ब्रह्मांडीय घटना का आह्वान है। इसका नाम 'प्रलय' या 'कल्पांत' का पर्याय है। इसके अधिपति देवता यमराज हैं जो मृत्यु और न्याय के देव हैं। यह अस्त्र महाकाव्यों में केवल एक बार प्रयोग किया गया और वह भी रामायण काल में भरत द्वारा गंधर्वों के संहार के लिए। इस एकमात्र प्रयोग में तीन करोड़ गंधर्व पल भर में मारे गए। यह अस्त्र मारता नहीं बल्कि अस्तित्व को मिटा देता है।
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