शिव नाम महिमाभगवान शिव को महादेव क्यों कहा जाता हैमहादेव = 'महान देव' — सभी देवताओं में श्रेष्ठ। शिव संहार के अधिपति हैं जो सृष्टि का सबसे शक्तिशाली कार्य है। सभी से समदृष्टि रखते हैं — देव, दानव, साधु, भक्त — सब पर समान कृपा। इसीलिए वे 'देवों के देव महादेव' हैं।#महादेव#शिव नाम#देवाधिदेव
शिव महिमानीलकंठ नाम पड़ने के बाद देवताओं ने शिव की स्तुति में क्या कहा?देवताओं ने शिव की स्तुति में कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए स्वयं विष पीना परोपकार की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होंने 'नीलकंठ', 'महाकाल', 'लोककल्याणी' कहकर पुष्प-वर्षा की और शिव की जय-जयकार की।
स्तोत्र पाठप्रदोष स्तोत्राष्टकम् क्या है?यह स्कंद पुराण में लिखा एक खास पाठ है, जिसका अर्थ है कि इस जन्म और मरण के भयंकर संसार में केवल शिव जी के चरणों की सेवा ही एकमात्र सत्य है।#स्कंद पुराण#स्तोत्राष्टकम्#शिव महिमा