विस्तृत उत्तर
भगवान शिव को 'महादेव' नाम से पुकारना सनातन परंपरा में सर्वाधिक प्रचलित है। 'महादेव' का अर्थ है — सभी देवताओं में महान, देवों के देव।
शास्त्रीय कारण — शिव त्रिदेवों में से एक हैं। ब्रह्मा सृष्टि करते हैं, विष्णु पालन करते हैं, परंतु शिव संहार करते हैं जो सबसे शक्तिशाली कार्य है। संहार के बिना नई सृष्टि संभव नहीं — इसलिए शिव समस्त देवताओं में 'महत्' अर्थात सर्वोच्च हैं।
शिव का सर्वसमावेशी स्वरूप — शिव सभी को समान दृष्टि से देखते हैं — देव हो या दानव, ऋषि हो या भक्त — सभी पर समभाव रखते हैं। रावण, भस्मासुर, कंस के पिता — सभी ने शिव की आराधना की और उन्होंने वरदान दिया। यह सर्वव्यापी करुणा उन्हें सभी देवों से 'महान' बनाती है।
वेदों में प्रमाण — वेदों में शिव को 'देवों के देव' और 'सर्वदेवमय' कहा गया है। शिव में सभी देवों का अंश समाहित है। इसीलिए उन्हें 'महादेव' — महान देव — कहा जाता है।





