विस्तृत उत्तर
रुद्र गायत्री मंत्र 'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।' का अर्थ इस प्रकार है:
इस मंत्र का जप विशेष रूप से बुद्धि, ज्ञान और आत्मिक प्रबोधन के लिए किया जाता है।
यह साधक को ज्ञान से प्रकाशित करने की प्रार्थना है — 'हम उस परम पुरुष (तत्पुरुष) को जानते हैं, महादेव का ध्यान करते हैं, वे रुद्र हमें (ज्ञान की ओर) प्रेरित करें।'





