विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत पुराण 5.24.28 में तलातल लोक और मय दानव का वर्णन स्पष्ट रूप से किया गया है। इसमें कहा गया है कि सुतल लोक के नीचे तलातल में मय नाम का दानवेन्द्र रहता है, जो त्रिपुर का अधिपति था। भगवान शिव, जिन्हें पुरारि कहा गया है, ने तीनों लोकों का कल्याण करने के लिए उसके तीन नगरों को भस्म कर दिया था। बाद में उन्हीं शिव की कृपा से मय दानव को तलातल में पद प्राप्त हुआ। वह मायावियों का आचार्य है, महादेव द्वारा संरक्षित है और इसी कारण सुदर्शन चक्र के भय से मुक्त होकर ऐश्वर्य के साथ निवास करता है।
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