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ज्योतिष उपाय3 मिनट पठन

ग्रहों की दशा खराब हो तो क्या उपाय करें?

संक्षिप्त उत्तर

नवग्रह स्तोत्र(रोज़ 3 min), हनुमान चालीसा, नवग्रह हवन, ग्रह-विशिष्ट बीज मंत्र 108+दान+वार व्रत, रत्न(ज्योतिषी), गरीब सेवा, गीता कर्मयोग। ज्योतिषी से कुंडली-विशिष्ट। कर्म शुद्धि=सबसे बड़ा उपाय।

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विस्तृत उत्तर

ग्रह दशा = विंशोत्तरी दशा प्रणाली — प्रत्येक ग्रह की एक निश्चित अवधि (6-20 वर्ष) जिसमें वह ग्रह जीवन पर प्रभावी रहता है। खराब दशा = जीवन में बाधाएँ, कष्ट, असफलता।

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### सार्वभौमिक उपाय (किसी भी ग्रह दशा में):

1नवग्रह स्तोत्र (सर्वश्रेष्ठ सरल उपाय)

  • प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद नवग्रह स्तोत्र का 1 पाठ (3 मिनट)।
  • *'जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महद्युतिम्...'* — 9 ग्रह एक साथ शांत।
  • यह एकमात्र स्तोत्र जो सभी 9 ग्रहों को एक साथ संतुलित करता है।

2हनुमान चालीसा (कलियुग सर्वोत्तम)

  • प्रतिदिन 1 बार = सर्व ग्रह शांति।
  • हनुमान = शनि+राहु+मंगल = तीनों क्रूर ग्रह नियंत्रक।
  • *'भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महाबीर जब नाम सुनावै'* = सर्वरक्षा।

3नवग्रह हवन

  • प्रत्येक ग्रह का विशिष्ट सामग्री + मंत्र = एक हवन में 9 ग्रह शांत।
  • योग्य पंडित से करवाएँ — नवरात्रि/ग्रहण/पूर्णिमा पर विशेष प्रभावी।

4ग्रह-विशिष्ट उपाय

| ग्रह | वार | दान | मंत्र (108 बार) |

|------|------|------|------|

| सूर्य | रविवार | गुड़, गेहूँ, तांबा | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः |

| चंद्र | सोमवार | चावल, दूध, चांदी | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः |

| मंगल | मंगलवार | मसूर, लाल कपड़ा | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः |

| बुध | बुधवार | मूंग, हरा कपड़ा | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः |

| गुरु | गुरुवार | केला, हल्दी, पीला | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः |

| शुक्र | शुक्रवार | चावल, सफ़ेद कपड़ा | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः |

| शनि | शनिवार | तिल, तेल, लोहा, काला | ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः |

| राहु | शनि/बुध | नारियल, उड़द, काला | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः |

| केतु | मंगल/शनि | सप्तधान्य, कंबल | ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः |

5रत्न धारण

  • संबंधित ग्रह का रत्न (ज्योतिषी सलाह अनिवार्य — गलत रत्न = हानि)।

6वार व्रत

  • कमजोर ग्रह के वार पर उपवास = ग्रह शांति।

7गरीबों/जरूरतमंदों की सेवा

  • शनि = श्रमिक/गरीब, गुरु = ब्राह्मण/विद्वान, सूर्य = पिता/वृद्ध — संबंधित व्यक्तियों की सेवा।

8गीता पाठ

  • *'कर्मण्येवाधिकारस्ते'* = कर्मयोग = ग्रह प्रभाव कम, कर्म प्रभाव बढ़ता।

### ⚠️ सबसे महत्वपूर्ण:

  • ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर विशिष्ट उपाय लें — सामान्य उपाय = सहायक, कुंडली-विशिष्ट = सर्वोत्तम।
  • कर्म शुद्धि = सबसे बड़ा उपाय — ईमानदारी, सत्य, सेवा = कोई ग्रह नहीं रोक सकता।
  • ग्रह दशा = शिक्षा देती है, सज़ा नहीं — कठिन समय = सबसे बड़ा शिक्षक।
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