विस्तृत उत्तर
एकादशी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शौच-स्नान आदि से निवृत्त होना चाहिए। पद्म पुराण के अनुसार, नहाने के पानी में 'तिल' का उबटन लगाकर स्नान करना अत्यंत श्रेष्ठ है। नहाने के बाद पीले वस्त्र धारण कर हाथ में जल, पुष्प और अक्षत लेकर व्रत का 'संकल्प' लेना चाहिए। इसके बाद एक चौकी पर भगवान विष्णु (विशेषकर लक्ष्मी-नारायण रूप) की प्रतिमा स्थापित कर गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कराना चाहिए, फिर उन्हें गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।





