महामृत्युंजय मंत्र का जप कब और कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महामृत्युंजय जप विधान: रुद्राक्ष की लाल धागे वाली माला, लाल आसन, उत्तर दिशा, ब्रह्म मुहूर्त (4 बजे सुबह) सर्वोत्तम। 108 बार (एक माला) जप से: अकाल मृत्यु भय नाश, व्याधि शमन, जीवन-ऊर्जा प्राप्ति।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र जप
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।