विस्तृत उत्तर
अधिकतम प्रभाव के लिए, यह विधान है कि गुरुवार को सूर्योदय होने के बाद पहले 12 मिनट के भीतर गायत्री मंत्र या मूल मंत्र का जप प्रारंभ कर दिया जाए। यह समय सबसे चमत्कारी परिणाम देने वाला माना गया है।
सामान्य गृहस्थों के लिए यह साधना दिन में (गुरुवार सूर्योदय के बाद) करनी चाहिए, जबकि तांत्रिक प्रयोगों हेतु संध्याकाल या रात्रि को उचित माना गया है।





