विस्तृत उत्तर
साधना आरंभ करने से पहले, साधक को स्नान करके शुद्ध हो जाना चाहिए।
नित्य पूजन में एक क्रम का पालन आवश्यक है:
- 1सर्वप्रथम गुरु का पाठ (गुरु पाठ)
- 2उसके बाद गणपति का पाठ
- 3और अंत में भैरव का हृदय पाठ (साधना) आरंभ करना चाहिए।
संकल्प: साधक को अपनी मनोकामना (सात्त्विक उद्देश्य) को स्पष्ट रूप से बोलकर संकल्प लेना चाहिए।





