विस्तृत उत्तर
चंदन तिलक बनाने और लगाने की एक सरल और शास्त्रसम्मत विधि है।
तिलक बनाने की विधि — चंदन की लकड़ी को एक साफ पत्थर की सिल (घिसन पत्थर) पर जल के साथ गोलाकार घुमाते हुए घिसें। जितना अधिक घिसेंगे, उतना गाढ़ा और सुगंधित लेप तैयार होगा। इसे चंदन घिसना कहते हैं। यदि चंदन की लकड़ी उपलब्ध न हो तो बाजार में मिलने वाले शुद्ध श्वेत चंदन का पाउडर थोड़े जल में मिलाकर पेस्ट बना लें।
तिलक लगाने की विधि — चंदन तिलक लगाने से पहले मन में इष्टदेव का स्मरण करें। अनामिका अंगुली (रिंग फिंगर) या मध्यमा से तिलक लगाया जाता है। माथे के ठीक बीच में, दोनों भौहों के मध्य में स्थित आज्ञाचक्र पर तिलक लगाएँ। चंदन का तिलक लगाते समय यह मंत्र बोलें — 'ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम्। आपदां हरते नित्यं लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥'
किस देवता को कौन सा चंदन — भगवान शिव और भैरव को सफेद चंदन, भगवान सूर्य और लक्ष्मीजी को लाल चंदन, और विष्णु-कृष्ण को हरिचंदन या गोपीचंदन लगाना शास्त्र-सम्मत है।
शास्त्रों में चंदन तिलक को पापनाशक, संकटहारक और लक्ष्मी का स्थायी निवास कराने वाला कहा गया है। यह मस्तिष्क को शीतलता भी प्रदान करता है।





