विस्तृत उत्तर
संध्या वंदन = दिन में तीन बार (त्रिकाल संध्या) — प्रातः, मध्याह्न, सायंकाल।
कब
- ▸प्रातः: सूर्योदय से 48 मिनट पहले-बाद (ब्राह्म मुहूर्त)।
- ▸मध्याह्न: दोपहर (~12 बजे)।
- ▸सायं: सूर्यास्त से 48 मिनट पहले-बाद।
सरल विधि
- 1आचमन — जल 3 बार पिएँ ('ॐ केशवाय नमः' आदि)।
- 2प्राणायाम — 3 बार (ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः...)।
- 3सूर्य अर्घ्य — जल अर्पण।
- 4गायत्री जप — 108 बार (न्यूनतम 10)।
- 5उपस्थान — सूर्य स्तुति।
- 6समर्पण — 'ॐ तत्सत्'।
सरलतम (5 मिनट): आचमन → प्राणायाम → गायत्री 10 बार → 'ॐ शांतिः'।
कितनी बार: 3 बार उत्तम। 2 बार (प्रातः+सायं) अच्छा। 1 बार (प्रातः) न्यूनतम।





