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वृश्चिक राशि मंगल दोष निवारण?

संक्षिप्त उत्तर

वृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।

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विस्तृत उत्तर

वृश्चिक = मंगल स्वामी (द्वितीय)। विशेष: वृश्चिक+मंगल = तीव्र ऊर्जा; दोष हो तो प्रभाव अधिक। निवारण (Q887): हनुमान चालीसा (प्रतिदिन), 'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108, सुंदरकांड मंगलवार, मूंगा, 3 मुखी, कुंभ विवाह। विशेष वृश्चिक: महामृत्युंजय मंत्र (वृश्चिक=8वां भाव=मृत्यु/परिवर्तन); शिव पूजा।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

वृश्चिक राशि मंगल दोष निवारण को संदर्भ सहित समझें

वृश्चिक राशि मंगल दोष निवारण का सबसे सीधा सार यह है: वृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।

राशि अनुसार उपाय जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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