विपरीत राजयोग क्या होता है?
की चेकलिस्ट
6/8/12 स्वामी अपने/एक-दूसरे भाव=विपरीत राजयोग। 3 प्रकार: हर्ष(6), सरल(8), विमल(12)। कठिनाइयों→अप्रत्याशित सफलता। शत्रु स्वतः नष्ट। संघर्ष पहले, सफलता बाद।
- 1हर्ष विपरीत = 6ठे स्वामी 6/8/12 में।
- 2सरल विपरीत = 8वें स्वामी 6/8/12 में।
- 3विमल विपरीत = 12वें स्वामी 6/8/12 में।
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