का सरल उत्तर
9वें भाव में राहु/केतु/शनि; सूर्य पर राहु/शनि; 5वां+9वां दोषपूर्ण। लक्षण: संतान कठिनाई, असफलता, कलह, पितर स्वप्न। निवारण: श्राद्ध/गया/तर्पण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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