पितृ दोष कुंडली में कैसे दिखता है
की चेकलिस्ट
9वें भाव में राहु/केतु/शनि; सूर्य पर राहु/शनि; 5वां+9वां दोषपूर्ण। लक्षण: संतान कठिनाई, असफलता, कलह, पितर स्वप्न। निवारण: श्राद्ध/गया/तर्पण।
- 19वें भाव में राहु/केतु/शनि = प्रमुख संकेत (9वां=पितृ भाव)।
- 2सूर्य पर राहु/केतु/शनि दृष्टि/युति = पितृ दोष (सूर्य=पिता)।
- 3चंद्र पर शनि/राहु = माता पक्ष पितृ दोष।
- 45वां भाव (संतान) अशुभ + 9वां भाव दोषपूर्ण = पितृ दोष।
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