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पर्व पूजा📜 स्कंद पुराण — वैष्णव खंड, पद्म पुराण, लक्ष्मी पुराण3 मिनट पठन

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

दीपावली पर स्थिर लग्न में प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें। घर साफ करें, रंगोली बनाएं, 16 दीप जलाएं, श्री सूक्त पाठ करें, 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें और कुबेर पूजन भी करें।

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विस्तृत उत्तर

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा वर्ष की सर्वोत्तम और सर्वाधिक फलदायी पूजा है। स्कंद पुराण में कहा गया है — इस रात्रि लक्ष्मी जी स्वयं पृथ्वी पर विचरण करती हैं।

दीपावली पूजा का समय

  • प्रदोष काल (स्थिर लग्न में): सूर्यास्त के बाद — यह सर्वश्रेष्ठ समय है
  • निशीथ काल (रात 11-12 बजे): तांत्रिक परंपरा में
  • स्थिर लग्न (वृषभ या सिंह लग्न) में पूजा करने से लक्ष्मी स्थायी रूप से घर में विराजती हैं

दीपावली के पाँच दिन

  1. 1धनतेरस (त्रयोदशी): धनवंतरि और यम पूजन; नए बर्तन, सोना खरीदें
  2. 2नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली): काली/यम पूजन, अभ्यंग स्नान
  3. 3दीपावली (अमावस्या): महालक्ष्मी पूजन — मुख्य पर्व
  4. 4गोवर्धन पूजा (प्रतिपदा): कृष्ण/इंद्र पूजन
  5. 5भाई दूज (द्वितीया): यम-यमुना पूजन

दीपावली लक्ष्मी पूजा की विधि

पूर्व तैयारी

  1. 1घर की पूर्ण सफाई करें — लक्ष्मी जी स्वच्छता में वास करती हैं
  2. 2घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं
  3. 3द्वार पर आम के पत्तों की तोरण (वंदनवार) लगाएं
  4. 4पूरे घर में दीप जलाएं

पूजा विधि

  1. 1स्नान और स्वच्छ वस्त्र: लाल या पीले वस्त्र पहनें
  2. 2कलश स्थापना: तांबे के कलश में जल भरें, आम पत्ते और नारियल रखें
  3. 3लक्ष्मी-गणेश स्थापना: लक्ष्मी के साथ गणेश जी की प्रतिमा अवश्य रखें — गणेश जी विघ्न हरते हैं
  4. 4पंचामृत स्नान: दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
  5. 5वस्त्र, आभूषण, सिंदूर: देवी को सुसज्जित करें
  6. 6पुष्प: कमल, गुलाब, बेला
  7. 716 दीप: देवी के चारों ओर 16 घी के दीप जलाएं
  8. 8श्री सूक्त पाठ: पूरी 16 ऋचाएं पढ़ें
  9. 9मंत्र जप: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' — 108 बार
  10. 10कुबेर पूजन: लक्ष्मी जी के साथ कुबेर जी की भी पूजा करें — 'ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्टलक्ष्म्यै धनं देहि पापात् त्राहि स्वाहा'
  11. 11आरती और प्रसाद:

धन रखने की विधि

तिजोरी और धन स्थान पर लक्ष्मी जी का चित्र या यंत्र स्थापित करें। दीपावली की रात तिजोरी खुली रखें।

पद्म पुराण का वचन

दीपावल्यां तु यः पूजां लक्ष्म्याः कुर्याद् विधानतः। स लभेद् विपुलं वित्तं तदा देवी प्रसन्नता।' — जो दीपावली पर विधिपूर्वक लक्ष्मी पूजा करता है, देवी उस पर विशेष प्रसन्न होती हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
स्कंद पुराण — वैष्णव खंड, पद्म पुराण, लक्ष्मी पुराण
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