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तंत्र ग्रंथ📜 तंत्रसार (अभिनवगुप्त), काश्मीर शैव1 मिनट पठन

तंत्र सार में कितने प्रकार की साधनाएं बताई गई हैं?

संक्षिप्त उत्तर

अभिनवगुप्त (काश्मीर शैव)। 4 उपाय: आणव (शारीरिक — मंत्र/प्राणायाम), शाक्त (मानसिक — ज्ञान/ध्यान), शाम्भव (इच्छा — संकल्प), अनुपाय (सहज — कुछ नहीं=ब्रह्म)। तंत्रालोक संक्षिप्त।

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विस्तृत उत्तर

तंत्रसार = अभिनवगुप्त रचित — काश्मीर शैव तंत्र:

साधना प्रकार

  1. 1आणवोपाय: शारीरिक — आसन, प्राणायाम, मुद्रा, मंत्र जप।
  2. 2शाक्तोपाय: मानसिक — ज्ञान, विचार, ध्यान। मन = उपकरण।
  3. 3शाम्भवोपाय: इच्छा — संकल्प मात्र से। बिना क्रिया/विचार।
  4. 4अनुपाय: उपाय रहित — सहज = स्वतः सिद्ध। कुछ करना नहीं = ब्रह्म।

क्रम: आणव (सरल) → शाक्त (मध्यम) → शाम्भव (उन्नत) → अनुपाय (सर्वोच्च)।

विशेषता: अभिनवगुप्त = काश्मीर शैव सर्वोच्च आचार्य। तंत्रसार = तंत्रालोक का संक्षिप्त रूप।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्रसार (अभिनवगुप्त), काश्मीर शैव
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