विस्तृत उत्तर
तंत्रसार = अभिनवगुप्त रचित — काश्मीर शैव तंत्र:
साधना प्रकार
- 1आणवोपाय: शारीरिक — आसन, प्राणायाम, मुद्रा, मंत्र जप।
- 2शाक्तोपाय: मानसिक — ज्ञान, विचार, ध्यान। मन = उपकरण।
- 3शाम्भवोपाय: इच्छा — संकल्प मात्र से। बिना क्रिया/विचार।
- 4अनुपाय: उपाय रहित — सहज = स्वतः सिद्ध। कुछ करना नहीं = ब्रह्म।
क्रम: आणव (सरल) → शाक्त (मध्यम) → शाम्भव (उन्नत) → अनुपाय (सर्वोच्च)।
विशेषता: अभिनवगुप्त = काश्मीर शैव सर्वोच्च आचार्य। तंत्रसार = तंत्रालोक का संक्षिप्त रूप।





