ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

प्रकार — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

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शिव पूजा सामग्री

शिव पूजा में धूप अगरबत्ती किस प्रकार की जलाएं?

चंदन सर्वश्रेष्ठ, गुगल सबसे शास्त्रीय, कपूर (कर्पूरगौरं), लोबान। केवड़ा वर्जित। प्राकृतिक > chemical। दीपक बाद, नैवेद्य पहले। शिवलिंग चारों ओर घुमाएं।

धूपअगरबत्तीप्रकार
तंत्र ग्रंथ

तंत्र सार में कितने प्रकार की साधनाएं बताई गई हैं?

अभिनवगुप्त (काश्मीर शैव)। 4 उपाय: आणव (शारीरिक — मंत्र/प्राणायाम), शाक्त (मानसिक — ज्ञान/ध्यान), शाम्भव (इच्छा — संकल्प), अनुपाय (सहज — कुछ नहीं=ब्रह्म)। तंत्रालोक संक्षिप्त।

तंत्र सारप्रकारसाधना
तंत्र शास्त्र

तंत्र शास्त्र में दीक्षा कितने प्रकार की होती है?

प्रमुख: (1) क्रिया (बाह्य — होम/अभिषेक)। (2) चाक्षुषी (दृष्टि)। (3) स्पर्श (हाथ/मस्तक)। (4) शब्द/मंत्र (कान में — सर्वाधिक प्रचलित)। (5) ध्यान/मानसिक (सर्वसूक्ष्म)। (6) शक्तिपात (शक्ति प्रेषण — सर्वशक्तिमान)। (7) स्वप्न (दुर्लभ)। तंत्रसार: 'ज्ञान दे, पाप क्षीण करे = दीक्षा।'

दीक्षाप्रकारतंत्र
तंत्र प्रकार

तंत्र साधना के कितने प्रकार होते हैं?

तंत्र के प्रकार: दक्षिण मार्ग (सात्विक, प्रतीकात्मक — गृहस्थ के लिए), वाम मार्ग (पंचमकार साक्षात् — केवल दीक्षित के लिए), कौल मार्ग (दोनों का संयोग)। शाखाएं: शाक्त, शैव, वैष्णव, बौद्ध। कलियुग में दक्षिण मार्ग अनुशंसित।

प्रकारवाम मार्गदक्षिण मार्ग
ध्यान साधना

ध्यान के कितने प्रकार होते हैं?

ध्यान के मुख्य प्रकार हैं — सगुण (इष्टदेव का ध्यान), निर्गुण (निराकार ब्रह्म), ओम्-नाद ध्यान, सोऽहम् ध्यान (श्वास के साथ), त्राटक, विपश्यना, चक्र-ध्यान और मंत्र-ध्यान। गीता (12/2-5) में सगुण ध्यान को नए साधकों के लिए सरल और श्रेष्ठ बताया गया है।

ध्यानप्रकारसगुण
तंत्र ज्ञान

तंत्र में मुद्रा कितने प्रकार की होती हैं?

3 प्रकार: हस्त (ज्ञान/चिन्/योनि), शरीर (हठ — महामुद्रा/खेचरी/बंध = 10), तांत्रिक (पूजा — 24/64)। पंचमकार 'मुद्रा' = अन्न/योगिक। हठ योग प्रदीपिका: 10 = कुंडलिनी।

मुद्राप्रकारतंत्र

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।