विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना का इतिहास तंत्रालोक और महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है:
तंत्र की उत्पत्ति
महानिर्वाण तंत्र: 'आगमः शिवभाषितः' — तंत्र/आगम शिव की भाषा है। अनादि परंपरा।
ऐतिहासिक विकास
1प्राक्-वैदिक काल (5000+ BCE)
हड़प्पा सभ्यता में शक्ति-माँ उपासना और शिव-लिंग — तंत्र के प्रारंभिक प्रमाण।
2वैदिक काल
अथर्व वेद में तांत्रिक तत्व। यजुर्वेद में रुद्र की उपासना।
3आगम काल (200-700 CE)
64 भैरव तंत्र, 64 शक्ति तंत्र, पांचरात्र आगम — संकलन और विस्तार।
4कश्मीर शैव दर्शन (850-1100 CE)
अभिनवगुप्त (975-1025 CE) — तंत्रालोक — तंत्र का दार्शनिक शिखर। त्रिक, कौल, प्रत्यभिज्ञा दर्शन।
5मध्यकालीन तंत्र (1000-1500 CE)
बंगाल में शाक्त तंत्र का उत्कर्ष। महानिर्वाण तंत्र, कुलार्णव तंत्र की रचना।
6आधुनिक काल
रामकृष्ण परमहंस — काली साधना। स्वामी विवेकानंद — तंत्र को वैज्ञानिक दृष्टि।





