तंत्रराज तंत्र में श्री विद्या की साधना कैसे बताई गई है?
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36 पटल, शिव-शक्ति संवाद। षोडशी मंत्र + श्री चक्र 9 आवरण + 12 उपासक मुख। कादी/हादी मत। टीका: सुभगानंद/भास्कर राय। गुरु अनिवार्य — गुप्तमें गुप्त।
- 1षोडशी मंत्र: 16 अक्षरी श्री विद्या मंत्र = मुख्य विषय।
- 2श्री चक्र: 9 आवरण पूजा — बिंदु = ललिता।
- 3नवावरण: प्रत्येक आवरण = देवता समूह + मंत्र।
- 412 मुख: मनु, चंद्र, कुबेर, लोपामुद्रा, मन्मथ, अगस्त्य, अग्नि, सूर्य, इंद्र, स्कंद, शिव, दुर्वासा — 12 श्री विद्या उपासक।
- 5कादी/हादी मत: दो प्रमुख श्री विद्या मार्ग।
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