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श्री विद्या📜 वास्तु शास्त्र, श्री विद्या, Webdunia शोध1 मिनट पठन

श्री यंत्र को घर में कहाँ और कैसे स्थापित करें?

संक्षिप्त उत्तर

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व), ऊंचे स्थान। ताम्रपत्र/रजत/स्फटिक। दीपावली/शुक्रवार। पंचामृत शुद्धि + श्री सूक्त + 108 जप। प्रतिदिन दीपक + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार। शयनकक्ष/शौचालय से दूर।

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विस्तृत उत्तर

श्री यंत्र घर में स्थापना (Webdunia verified):

कहाँ

  • ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सर्वोत्तम (Webdunia)।
  • पूजा घर में — ऊंचे स्थान पर।
  • ताम्रपत्र/रजतपत्र/भोजपत्र/स्फटिक पर (Webdunia)।

कैसे

  1. 1दीपावली/शुक्रवार/नवरात्रि।
  2. 2गंगाजल + पंचामृत शुद्धि।
  3. 3प्राण प्रतिष्ठा — श्री सूक्त 16 ऋचा + 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' 108 जप।
  4. 4कुमकुम + केसर + कमल/गुलाब।
  5. 5घी दीपक + कर्पूर।
  6. 6प्रतिदिन: दीपक + जल छिड़कें + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार।

न करें

  • शयनकक्ष/शौचालय के पास नहीं।
  • भूमि पर नहीं — ऊंचे स्थान।
  • अशुद्ध हाथों से स्पर्श नहीं।

लाभ: स्थिर लक्ष्मी, धन समृद्धि, वास्तु दोष निवारण, गृह शांति।

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शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शास्त्र, श्री विद्या, Webdunia शोध
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