सिद्धि की कोई निश्चित दिन-संख्या नहीं। रुद्रयामल: भाव-शुद्धि + श्रद्धा + गुरु-कृपा = सिद्धि। काल: अल्प (1-3 माह — शुद्ध साधक), मध्यम (1-3 वर्ष), दीर्घ (3-12 वर्ष)। कुलार्णव: गुरु-कृपा से क्षण में सिद्धि। '40 दिन में सिद्धि' के दावे शास्त्र-संगत नहीं।