तंत्र में अग्नि स्थापना कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कुंड (चतुष्कोण) → शुभ समिधा (आम/पीपल/बिल्व) → अग्नि प्रज्वलन (काष्ठ/दीपक) → 'ॐ अग्नये नमः' → घी+समिधा+मंत्र = प्रथम आहुति। ऋग्वेद: 'अग्नि=देवताओं का मुख।' विद्वान से सीखें।
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