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तंत्र शास्त्र📜 तंत्र शास्त्र, अग्निहोत्र विधि, यज्ञ शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र में होम कुंड का आकार और दिशा क्या होनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

आकार: वृत्त=शांति, चौकोर=सर्वकार्य (सामान्य गृहस्थ), त्रिकोण=मारण (वर्जित), अर्धचंद्र=वशीकरण, पद्म=मोक्ष। दिशा: कुंड मुख पूर्व, साधक पश्चिम (पूर्वमुखी)। गृह: 1×1 फुट। विशेष = विद्वान से।

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विस्तृत उत्तर

होम/हवन कुंड का आकार उद्देश्य और कर्म पर निर्भर:

आकार अनुसार उद्देश्य (तंत्र विधान)

  1. 1वृत्ताकार (गोल): शांति कर्म — रोग/ग्रह शांति।
  2. 2चतुष्कोण (चौकोर): सामान्य पूजा, स्थायित्व, सर्वकार्य।
  3. 3त्रिकोणाकार: मारण/उच्चाटन — तामसिक, अनुशंसित नहीं।
  4. 4अर्धचंद्राकार: वशीकरण — सावधानी।
  5. 5षट्कोणाकार: विशेष तांत्रिक अनुष्ठान।
  6. 6पद्माकार (कमल): मोक्ष/ज्ञान कर्म।
  7. 7योन्याकार: शक्ति साधना — विशेष।

सामान्य गृहस्थ: चतुष्कोण (चौकोर) = सर्वकार्य हेतु सर्वोत्तम।

दिशा: कुंड का मुख पूर्व दिशा। साधक पश्चिम की ओर बैठे (पूर्वमुखी)।

आकार: गृह हवन = 1×1 फुट पर्याप्त। बड़े अनुष्ठान = 3×3, 5×5 या अधिक।

ध्यान रखें: विशेष आकार हवन कुंड = विद्वान कर्मकांडी से। ताम्र/ईंट कुंड = मानक।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, अग्निहोत्र विधि, यज्ञ शास्त्र
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