तंत्र में होम कुंड का आकार और दिशा क्या होनी चाहिए?
की चेकलिस्ट
आकार: वृत्त=शांति, चौकोर=सर्वकार्य (सामान्य गृहस्थ), त्रिकोण=मारण (वर्जित), अर्धचंद्र=वशीकरण, पद्म=मोक्ष। दिशा: कुंड मुख पूर्व, साधक पश्चिम (पूर्वमुखी)। गृह: 1×1 फुट। विशेष = विद्वान से।
- 1वृत्ताकार (गोल): शांति कर्म — रोग/ग्रह शांति।
- 2चतुष्कोण (चौकोर): सामान्य पूजा, स्थायित्व, सर्वकार्य।
- 3त्रिकोणाकार: मारण/उच्चाटन — तामसिक, अनुशंसित नहीं।
- 4अर्धचंद्राकार: वशीकरण — सावधानी।
- 5षट्कोणाकार: विशेष तांत्रिक अनुष्ठान।
- 6पद्माकार (कमल): मोक्ष/ज्ञान कर्म।
- 7योन्याकार: शक्ति साधना — विशेष।
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तंत्र शास्त्र
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