विस्तृत उत्तर
श्मशान भूमि केवल शवों के दाह का स्थान नहीं, अपितु यह भगवान शिव का वास-स्थान है।
यह नश्वरता का सबसे बड़ा प्रतीक है, जहाँ शरीर और उससे जुड़े अहंकार का सत्य प्रकट होता है।
तांत्रिक साधक के लिए यह एक सिद्ध-पीठ है, जहाँ भौतिक और सूक्ष्म जगत के बीच का पर्दा अत्यंत क्षीण होता है।
यह वह स्थान है जहाँ सभी रूप और पहचान भस्म हो जाते हैं, और केवल चैतन्य शेष रहता है, जो मोक्ष का द्वार है।





