विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के लिए उचित स्थान का वर्णन महानिर्वाण तंत्र और कुलार्णव तंत्र में मिलता है:
श्रेष्ठ तांत्रिक स्थान (शास्त्र अनुसार)
1देवी मंदिर
सर्वोत्तम — देवी की उपस्थिति में साधना।
2नदी तट
महानिर्वाण तंत्र में नदी तट को श्रेष्ठ बताया गया है। बहते जल के पास ऊर्जा का प्रवाह अधिक होता है।
3पीपल वृक्ष के पास
पीपल में देवी-देव का निवास माना गया है। तांत्रिक साधना के लिए उचित।
4पर्वत या एकांत वन
एकांत और शांत। ऋषि-मुनियों की परंपरागत साधना स्थली।
5शक्तिपीठ
भारत के 51 शक्तिपीठों में साधना — असाधारण फलदायी।
6श्मशान (केवल उच्च तांत्रिक)
काली और भैरव साधना में श्मशान का उल्लेख है। यह केवल अनुभवी और दीक्षित साधकों के लिए — गुरु के साथ। सामान्य साधकों के लिए उचित नहीं।
7घर का पूजा कक्ष
सामान्य भक्ति साधना के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक।
स्थान के गुण
कुलार्णव तंत्र में स्थान के गुण:
- 1स्वच्छ
- 2एकांत
- 3प्राकृतिक वातावरण
- 4सकारात्मक ऊर्जा
- 5नित्य उपयोग का एक ही स्थान — स्थान 'सिद्ध' होता है
वर्जित स्थान
- ▸गंदा, अपवित्र स्थान
- ▸अस्पताल के पास
- ▸श्मशान (सामान्य साधक)
- ▸कोलाहलपूर्ण बाजार





