विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के स्थान का वर्णन तंत्र शास्त्र और कुलार्णव तंत्र में मिलता है:
श्रेष्ठ तंत्र साधना स्थान
1श्मशान भूमि (तांत्रिक साधना)
काली-भैरव-अघोर परंपरा में श्मशान सर्वश्रेष्ठ। कारण: मृत्यु-चेतना जागृत होती है — अहंकार टूटता है। केवल गुरु दीक्षित साधकों के लिए।
2नदी संगम
गंगा, यमुना, नर्मदा के तट।
3शक्तिपीठ के निकट
108 शक्तिपीठों में से किसी के पास — देवी शक्ति का प्रत्यक्ष प्रवाह।
4पर्वत गुफा
हिमालय गुफाएं — सात्विक तंत्र के लिए।
5एकांत वन
निर्जन स्थान — बाहरी विक्षेप नहीं।
6घर का पूजा कक्ष
दक्षिण मार्ग के लिए — घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)।
नियम
- ▸एक ही स्थान पर नित्य साधना — 'सिद्ध स्थान' बनता है
- ▸उत्तर या पूर्व मुख श्रेष्ठ
कुलार्णव
एकान्ते निर्जने देशे साधनं कुर्यात् विचक्षणः।





