विस्तृत उत्तर
शिव वास गणना के अनुसार जिस तिथि पर शेषफल ४, ५, ६ या ७/० आता है, उन दिनों सकाम रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए:
— शेषफल ४ (शिव सभा में व्यस्त): संताप, कष्ट और मानसिक उद्वेग।
— शेषफल ५ (शिव भोजन करते हुए): शारीरिक पीड़ा और रोग की उत्पत्ति।
— शेषफल ६ (शिव क्रीड़ा में मग्न): संतति को कष्ट।
— शेषफल ७ या ० (शिव श्मशान में): मृत्युतुल्य कष्ट, अकाल मृत्यु का भय।
यद्यपि निष्काम भक्ति, दैनिक सामान्य पूजा, श्रावण मास के सोमवार, महाशिवरात्रि और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शिव वास देखने की आवश्यकता नहीं होती।





