विस्तृत उत्तर
तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिया, लक्ष्मीस्वरूपा और अत्यंत पवित्र माना गया है। तुलसी को जल चढ़ाने का सबसे उत्तम समय सुबह स्नान के बाद, सूर्योदय के समय है। इस समय जल अर्पण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तुलसी को जल चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप करें — 'महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी। आधि व्याधि हर नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।' कुछ ऐसे दिन और परिस्थितियाँ हैं जब तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए — रविवार के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। एकादशी तिथि पर भी तुलसी को जल देना वर्जित है, इसी कारण से। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी को न छुएँ। संध्याकाल अर्थात सूर्यास्त के बाद तुलसी पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए। अमावस्या को भी वर्जित माना गया है। तुलसी का पौधा घर के उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में रखें — दक्षिण दिशा में न रखें। तुलसी को अत्यधिक जल भी न दें क्योंकि इससे जड़ें सड़ जाती हैं।





