विस्तृत उत्तर
पूजा 'चेतन जीवित नाग' की नहीं, बल्कि 'भगवान शंकर के आभूषण' के रूप में 'प्रतिमा' (चांदी, तांबे, या मिट्टी) की होनी चाहिए।
भगवान के आभूषण के रूप में पूजित नाग ही सात्त्विक और कल्याणकारी हैं।
चांदी के नाग-नागिन जोड़े को एक पात्र में रखकर, उसे शिवलिंग पर या शिवलिंग के समक्ष स्थापित करें। पूजा के उपरांत, इन प्रतिमाओं को किसी योग्य ब्राह्मण को दान कर दें अथवा पवित्र नदी या जलाशय में विसर्जित कर दें।





