विस्तृत उत्तर
धर्मशास्त्रों में शिव वास की गणना का एक निश्चित गणितीय सूत्र प्रदान किया गया है:
तिथिं च द्विगुणीकृत्वा वाणै संयोजयते तत:। सप्तमिस्तु हरेद्भागं शेषांके वास विचारयेत्।।
सूत्र: (वर्तमान तिथि × २ + ५) ÷ ७
विधि:
— सर्वप्रथम वर्तमान तिथि की संख्या लें (शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूर्णिमा तक १ से १५, और कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक १६ से ३०)।
— उस संख्या को २ से गुणा करें।
— फिर उसमें ५ जोड़ें।
— प्राप्त योगफल को ७ से विभाजित करें।
— इस विभाजन के पश्चात जो शेषफल (Remainder) प्राप्त होता है, उसी से शिव वास का निर्धारण होता है।
उदाहरण: यदि आज शुक्ल पक्ष की पंचमी (5) है — तो: (5 × 2 + 5) ÷ 7 = 15 ÷ 7 = शेष 1 → शिव कैलाश पर (अत्यंत शुभ)।




