विस्तृत उत्तर
शिव वास की गणना में शेषफल ७ या ० आने पर भगवान शिव श्मशान में (समाधिस्थ रूप में) होते हैं।
यह अवस्था सकाम रुद्राभिषेक के लिए अत्यंत अशुभ मानी गई है। इस दिन किया गया सकाम अभिषेक मृत्युतुल्य कष्ट और अकाल मृत्यु का भय उत्पन्न कर सकता है।
यद्यपि, निष्काम भाव से की गई भक्ति, दैनिक सामान्य पूजा, श्रावण मास के सोमवार, महाशिवरात्रि और द्वादश ज्योतिर्लिंगों जैसे सिद्ध पीठों में शिव वास देखने की आवश्यकता नहीं होती।





