विस्तृत उत्तर
अमावस्या = पितरों का दिन + नया चंद्रमा।
शुभ: पितर तर्पण (सबसे शुभ), पिंडदान, श्राद्ध, दान, शनि/हनुमान पूजा, तांत्रिक साधना (विशेष), शिव पूजा, काली पूजा, भैरव पूजा, ध्यान/मंत्र जप।
वर्जित: नया कार्य, गृहप्रवेश, विवाह, मुंडन, खरीदारी (अधिकांश), यात्रा, मांगलिक कार्य।
विशेष अमावस्या: सोमवती (सोमवार), मौनी, सर्वपितृ = अत्यंत शुभ तर्पण।
सार: अमावस्या = पितर सेवा + आध्यात्मिक साधना = शुभ। सांसारिक कार्य = अशुभ।





