विस्तृत उत्तर
पूर्णिमा = पूर्ण चंद्रमा — सात्विक ऊर्जा चरम पर।
शुभ: सत्यनारायण कथा (सर्वश्रेष्ठ), व्रत, दान, पूजा/हवन, गुरु पूजा, पीपल पूजा/जल, मंत्र जप, गंगा स्नान, तीर्थ यात्रा, आध्यात्मिक साधना।
वर्जित: गृहप्रवेश (कुछ में), विवाह (कुछ में), भूमि खरीद, शारीरिक संबंध (व्रत हो तो)।
विशेष पूर्णिमा: शरद (कोजागरी), कार्तिक, वैशाख (बुद्ध), गुरु (आषाढ़), राखी (श्रावण)।
सार: पूर्णिमा = भक्ति + दान + साधना = शुभ।
